बिहार के जातिगत जनगणना के परिणाम के बाद राहुल गांधी ने जाति की संख्या के आधार पर हिस्सेदारी की बात कही है। कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर जता दिया की लोकसभा चुनाव में जाति का मुद्दा अहम होने जा रहा है।

राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब: 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कैसे बदली जा रही है जाति जनगणना?

भारत में जाति जनगणना: 2024 चुनाव के पहले महत्वपूर्ण मुद्दा क्या है? 

 राहुल गांधी द्वारा ट्वीट किए गए SC, ST, OBC पर क्या है सटीक जानकारी?

बिहार जाति जनगणना के परिणाम: राहुल गांधी के ट्वीट के पीछे की कहानी क्या है?

राहुल गांधी के ट्वीट से समझें बिहार में जाति के बारे में नई सोच

राहुल गांधी ने बिहार में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कुल 84% होने की बात का जिक्र किया है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने साफ कर दिया कि जिसकी जितनी आबादी हो उसको उतना हक मिलना चाहिए। 

राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार में पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी 27.13 फीसदी है.

जबकि अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) 36.01 फीसदी है। राज्य में मुस्लिमों की संख्या 17 फीसदी है। इसके साथ ही राजपूत और ब्राह्मण 3-3 प्रतिशत जबकि भूमिहारों की संख्या 2.86 प्रतिशत है।